37 वर्षों की रामलीला परंपरा ने फिर बिखेरी भव्यता, रावण दहन देखने उमड़ा हजारों लोगों का जनसैलाब
ककरी, सोनभद्र। एनसीएल ककरी क्षेत्र में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित भव्य रामलीला एवं रावण दहन कार्यक्रम धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। एकलव्य मैदान में लगभग 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़े। रावण दहन के दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आकर्षक आतिशबाजी और उत्सवी माहौल ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगा दिए।कई महीनों की तैयारियों के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीएल ककरी परियोजना के अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों और आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ ककरी परियोजना के परियोजना प्रमुख एवं महाप्रबंधक के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान परियोजना के विभागाध्यक्ष, जेसीसी सदस्य, ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा अधिकारी-कर्मचारियों के परिवारजन भी मौजूद रहे।
रामलीला मंचन के बाद हुआ रावण दहन
कार्यक्रम में सर्वप्रथम भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। रामलीला के प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद आकर्षक आतिशबाजी के बीच 80 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले में आग लगते ही मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव मनाया।
37 वर्षों से कायम है रामलीला की गौरवशाली परंपरा
एनसीएल ककरी क्षेत्र में पिछले 37 वर्षों से लगातार रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। यह परंपरा अब क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रामलीला, रावण दहन और मेले ने लोगों को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर दिया।
मेले में झूले, खिलौने और खानपान के स्टॉल रहे आकर्षण
एकलव्य मैदान में आयोजित मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। खेल-खिलौनों, श्रृंगार सामग्री और बर्तनों की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। वहीं, विभिन्न प्रकार के झूले बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। मैदान के बाहर लगे खानपान के स्टॉलों पर भी लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम की सफलता में एनसीएल ककरी परियोजना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों, ऑफिसर्स एसोसिएशन, दुर्गा पूजा समिति, स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
एनसीएल ककरी का यह भव्य आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बना। 80 फीट के रावण दहन के साथ लोगों को सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश दिया गया।




