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उत्तर प्रदेश · 24 October 2026 · · 30 बार देखा गया

सरकारी स्कूल में खुली अंतरिक्ष विज्ञान की नई दुनिया, डीएम ने किया महर्षि आर्यभट्ट एस्ट्रो लैब का लोकार्पण

सरकारी स्कूल में खुली अंतरिक्ष विज्ञान की नई दुनिया, डीएम ने किया महर्षि आर्यभट्ट एस्ट्रो लैब का लोकार्पण
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नीति आयोग से मिली ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि से लोढ़ी विद्यालय में स्थापित हुई एस्ट्रो लैब, अब मॉडल और प्रयोगों से विज्ञान सीखेंगे बच्चे
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में नीति आयोग से प्राप्त ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि से स्थापित महर्षि आर्यभट्ट ‘एस्ट्रो लैब’ का लोकार्पण जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किया।इस पहल से विद्यार्थियों को विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। अब बच्चे पुस्तकों तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न मॉडल, गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की बारीकियां सीख सकेंगे।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
निपुण भारत डैशबोर्ड पर तीसरा स्थान मिलने पर मिली थी प्रोत्साहन राशि
सोनभद्र जनपद को डेटा-आधारित निपुण भारत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए नीति आयोग की ओर से सम्मानित किया गया था। इसी उपलब्धि के तहत जनपद को ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। प्रशासन ने इस धनराशि का उपयोग विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से करते हुए विद्यालय में महर्षि आर्यभट्ट एस्ट्रो लैब स्थापित कराई।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा विकसित करना है।
ग्रहों और सौरमंडल को आसानी से समझेंगे विद्यार्थी
एस्ट्रो लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान, सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों और अंतरिक्ष विज्ञान की मूल अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चे विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि एस्ट्रो लैब विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को समझने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रश्न पूछने, अवलोकन करने, तार्किक ढंग से सोचने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।उन्होंने कहा कि नीति आयोग से मिली प्रोत्साहन राशि का विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में उपयोग करना सार्थक पहल है।जनपद की शैक्षिक उपलब्धियों का लाभ सीधे बच्चों तक पहुंचना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।
सीएसआर फंड से अन्य विद्यालयों में भी बनेंगी एस्ट्रो लैब
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के माध्यम से जनपद के अन्य विद्यालयों में भी एस्ट्रो लैब स्थापित करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए। इससे प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा।प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को अधिक रोचक, व्यावहारिक और बाल-केंद्रित बनाना है।एस्ट्रो लैब के विस्तार से बच्चों को विज्ञान की अवधारणाओं को समझने और उनमें रुचि विकसित करने के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
उपलब्धियों को धरातल पर उतारना जरूरी :
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि डेटा-आधारित मॉनिटरिंग का वास्तविक महत्व तभी है, जब उससे प्राप्त निष्कर्षों और उपलब्धियों को धरातल पर सकारात्मक बदलाव में बदला जाए। निपुण भारत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर जनपद को मिली उपलब्धि के बाद प्रोत्साहन राशि से एस्ट्रो लैब की स्थापना करना इसी परिणामोन्मुखी सोच का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि साक्ष्य आधारित निर्णय और संसाधनों का सुनियोजित उपयोग विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के दौरान अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी और विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।

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रिपोर्ट: Umesh Singh · Pratibha Times 24 News

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